Happy Janmasthmi
माखन चोर नन्द किशोर,बांधी जिसने प्रीत की डोर.
हरे कृष्ण हरे मुरारी,पूजती जिन्हें दुनिया सारी,
आओ उनके गुण गाएं सब मिल के जन्माष्टमी मनाये.
✍जिसने पैदा होते ही संसार को मोह लिया!
अपने को बंधन से मुक्त कर नन्द के घर पहुँचे!
नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की!
जिसने अपने को मारने आए राक्षसों को भी मोक्ष दे दिया!
पूतना जो जहर पिलाने आई थी उसको भी वात्सल्य दिया!
उसका पूरा दूध पी गए और उसको परमधाम पहुंचा दिया!
जिसने अपने साथियो को माखन खिलाया!
जिसने अपनी बुद्धि विवेक बल से कालिया का मर्दन किया!!
जिसने गोचारण के लिए रो-रो के पूरा नन्द गाँव हिला दिया!
जिसने अपनी बंसी की तान पर सबको झूमा दिया!!
जिसने कंस जैसे निर्दयी पापी का वध किया!
जिसने पांडवो की रक्षा की लाक्षाग्रह से!!
जिसने द्रोपदी का मान बचाया!
जिसने अपने राजकुमार
भाई भतीजा सभी से रिश्ते निभाए!!
जिसने सखा भाव निभाया!
जिसने प्रेम भाव निभाया!!
जिसने प्राणियो को जीने की कला सिखाई!
जिसने गीता जैसा पावन ग्रन्थ कह डाला!!
जिसने रासलीला रचाई!
जिसने हमें जीना सिखाया!!
जिसने हमें माधुर्य रस का आनंद दिया! 💐

Krishna was born in the darkness of the night, into the locked confines of the jail. However,at the moment of his birth,all the guards fell asleep, the chains were broken and the barred doors gently opened. Similarly, as soon as Krishna (Chetna, Awareness) takes birth in our hearts, all darkness (Negativity) fades. All chains (Ego,I,Me, Myself) are broken. All prison doors we keep ourselves in (Caste, Religion, Professions, Relations etc) are opened. And that is the real message and essence of JANAMASHTAMI. HAPPY JANAMASHTAMI TO ALL